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Methodist Church Nadiad
हे साँप के बच्चों, तुम बुरे होकर कैसे अच्छी बातें कह सकते हो? क्योंकि जो मन में भरा है, वही मुँह पर आता है।

मत्ती १२:३४ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

EnglishMatthew 12:34
You offspring of vipers, how can you, being evil, speak good things? For out of the abundance of the heart, the mouth speaks.
ગુજરાતીમાથ્થી ૧૨:૩૪
ઓ ઝેરી સર્પોના વંશ, તમે દુષ્ટ છતાં સારી વાતો તમારાથી શી રીતે કહી શકાય? કેમ કે મનના ભરપૂરીપણામાંથી મોં બોલે છે.

संदर्भ में

३२जो कोई मनुष्य के पुत्र के विरोध में कोई बात कहेगा, उसका यह अपराध क्षमा किया जाएगा, परन्तु जो कोई पवित्र आत्मा के विरोध में कुछ कहेगा, उसका अपराध न तो इस युग में और न ही आनेवाले युग में क्षमा किया जाएगा।

३३“यदि पेड़ को अच्छा कहो, तो उसके फल को भी अच्छा कहो, या पेड़ को निकम्मा कहो, तो उसके फल को भी निकम्मा कहो; क्योंकि पेड़ फल ही से पहचाना जाता है।

३४हे साँप के बच्चों, तुम बुरे होकर कैसे अच्छी बातें कह सकते हो? क्योंकि जो मन में भरा है, वही मुँह पर आता है।

३५भला मनुष्य मन के भले भण्डार से भली बातें निकालता है; और बुरा मनुष्य बुरे भण्डार से बुरी बातें निकालता है।

३६और मैं तुम से कहता हूँ, कि जो-जो निकम्मी बातें मनुष्य कहेंगे, न्याय के दिन हर एक बात का लेखा देंगे।

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