मत्ती १३:२२
जो झाड़ियों में बोया गया, यह वह है, जो वचन को सुनता है, पर इस संसार की चिन्ता और धन का धोखा वचन को दबाता है, और वह फल नहीं लाता।मत्ती १३:२२ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Matthew 13:22
- What was sown among the thorns, this is he who hears the word, but the cares of this age and the deceitfulness of riches choke the word, and he becomes unfruitful.
- ગુજરાતી — માથ્થી ૧૩:૨૨
- કાંટાનાં જાળાંમાં જે બીજ વાવેલું તે એ છે કે, તે વચન સાંભળે છે, પણ આ ભૌતિક જગતની ચિંતા તથા દ્રવ્યની માયા વચનને દબાવી નાખે છે, અને તે નિષ્ફળ થઈ જાય છે.
संदर्भ में
२०और जो पत्थरीली भूमि पर बोया गया, यह वह है, जो वचन सुनकर तुरन्त आनन्द के साथ मान लेता है।
२१पर अपने में जड़ न रखने के कारण वह थोड़े ही दिन रह पाता है, और जब वचन के कारण क्लेश या उत्पीड़न होता है, तो तुरन्त ठोकर खाता है।
२२जो झाड़ियों में बोया गया, यह वह है, जो वचन को सुनता है, पर इस संसार की चिन्ता और धन का धोखा वचन को दबाता है, और वह फल नहीं लाता।
२३जो अच्छी भूमि में बोया गया, यह वह है, जो वचन को सुनकर समझता है, और फल लाता है कोई सौ गुना, कोई साठ गुना, कोई तीस गुना।”
२४यीशु ने उन्हें एक और दृष्टान्त दिया, “स्वर्ग का राज्य उस मनुष्य के समान है जिसने अपने खेत में अच्छा बीज बोया।
