मत्ती १३:३०
कटनी तक दोनों को एक साथ बढ़ने दो, और कटनी के समय मैं काटनेवालों से कहूँगा; पहले जंगली दाने के पौधे बटोरकर जलाने के लिये उनके गट्ठे बाँध लो, और गेहूँ को मेरे खत्ते में इकट्ठा करो।’”मत्ती १३:३० · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Matthew 13:30
- Let both grow together until the harvest, and in the harvest time I will tell the reapers, “First, gather up the darnel weeds, and bind them in bundles to burn them; but gather the wheat into my barn.”’”
- ગુજરાતી — માથ્થી ૧૩:૩૦
- કાપણી સુધી બન્નેને સાથે વધવા દો. કાપણીની મોસમમાં હું કાપનારાઓને કહીશ કે, “તમે પહેલાં કડવા દાણાને એકઠા કરો, બાળવા સારુ તેના ભારા બાંધો, પણ ઘઉં મારી વખારમાં ભરો.”
संदर्भ में
२८उसने उनसे कहा, ‘यह किसी शत्रु का काम है।’ दासों ने उससे कहा, ‘क्या तेरी इच्छा है, कि हम जाकर उनको बटोर लें?’
२९उसने कहा, ‘नहीं, ऐसा न हो कि जंगली दाने के पौधे बटोरते हुए तुम उनके साथ गेहूँ भी उखाड़ लो।
३०कटनी तक दोनों को एक साथ बढ़ने दो, और कटनी के समय मैं काटनेवालों से कहूँगा; पहले जंगली दाने के पौधे बटोरकर जलाने के लिये उनके गट्ठे बाँध लो, और गेहूँ को मेरे खत्ते में इकट्ठा करो।’”
३१उसने उन्हें एक और दृष्टान्त दिया, “स्वर्ग का राज्य राई के एक दाने के समान है, जिसे किसी मनुष्य ने लेकर अपने खेत में बो दिया।
३२वह सब बीजों से छोटा तो है पर जब बढ़ जाता है तब सब साग-पात से बड़ा होता है; और ऐसा पेड़ हो जाता है, कि आकाश के पक्षी आकर उसकी डालियों पर बसेरा करते हैं।”
