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Methodist Church Nadiad
यीशु ने अपने चेलों को बुलाकर कहा, “मुझे इस भीड़ पर तरस आता है; क्योंकि वे तीन दिन से मेरे साथ हैं और उनके पास कुछ खाने को नहीं; और मैं उन्हें भूखा विदा करना नहीं चाहता; कहीं ऐसा न हो कि मार्ग में थककर गिर जाएँ।”

मत्ती १५:३२ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

EnglishMatthew 15:32
Jesus summoned his disciples and said, “I have compassion on the multitude, because they have continued with me now three days and have nothing to eat. I don’t want to send them away fasting, or they might faint on the way.”
ગુજરાતીમાથ્થી ૧૫:૩૨
ઈસુએ પોતાના શિષ્યોને પાસે બોલાવીને કહ્યું કે, “આ લોકો પર મને અનુકંપા આવે છે, કેમ કે ત્રણ દિવસથી તેઓ મારી સાથે રહ્યા છે, તેઓની પાસે કંઈ ખાવા માટે નથી. તેઓને ભૂખ્યા વિદાય કરવાનું હું ઇચ્છતો નથી, એમ ન થાય કે તેઓ રસ્તામાં બેહોશ થઈ જાય.”

संदर्भ में

३०और भीड़ पर भीड़ उसके पास आई, वे अपने साथ लँगड़ों, अंधों, गूँगों, टुण्डों, और बहुतों को लेकर उसके पास आए; और उन्हें उसके पाँवों पर डाल दिया, और उसने उन्हें चंगा किया।

३१अतः जब लोगों ने देखा, कि गूँगे बोलते और टुण्डे चंगे होते और लँगड़े चलते और अंधे देखते हैं, तो अचम्भा करके इस्राएल के परमेश्वर की बड़ाई की।

३२यीशु ने अपने चेलों को बुलाकर कहा, “मुझे इस भीड़ पर तरस आता है; क्योंकि वे तीन दिन से मेरे साथ हैं और उनके पास कुछ खाने को नहीं; और मैं उन्हें भूखा विदा करना नहीं चाहता; कहीं ऐसा न हो कि मार्ग में थककर गिर जाएँ।”

३३चेलों ने उससे कहा, “हमें इस निर्जन स्थान में कहाँ से इतनी रोटी मिलेगी कि हम इतनी बड़ी भीड़ को तृप्त करें?”

३४यीशु ने उनसे पूछा, “तुम्हारे पास कितनी रोटियाँ हैं?” उन्होंने कहा, “सात और थोड़ी सी छोटी मछलियाँ।”

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