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Methodist Church Nadiad
“हे प्रभु, मेरे पुत्र पर दया कर! क्योंकि उसको मिर्गी आती है, और वह बहुत दुःख उठाता है; और बार बार आग में और बार बार पानी में गिर पड़ता है।

मत्ती १७:१५ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

EnglishMatthew 17:15
“Lord, have mercy on my son, for he is epileptic and suffers grievously; for he often falls into the fire, and often into the water.
ગુજરાતીમાથ્થી ૧૭:૧૫
“ઓ પ્રભુ, મારા દીકરા પર દયા કરો; કેમ કે તેને વાઈનુ દર્દ છે, તેથી તે ઘણો પીડાય છે; અને તે ઘણીવાર અગ્નિમાં તથા પાણીમાં પડે છે.

संदर्भ में

१३तब चेलों ने समझा कि उसने हम से यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाले के विषय में कहा है।

१४जब वे भीड़ के पास पहुँचे, तो एक मनुष्य उसके पास आया, और घुटने टेककर कहने लगा।

१५“हे प्रभु, मेरे पुत्र पर दया कर! क्योंकि उसको मिर्गी आती है, और वह बहुत दुःख उठाता है; और बार बार आग में और बार बार पानी में गिर पड़ता है।

१६और मैं उसको तेरे चेलों के पास लाया था, पर वे उसे अच्छा नहीं कर सके।”

१७यीशु ने उत्तर दिया, “हे अविश्वासी और हठीले लोगों, मैं कब तक तुम्हारे साथ रहूँगा? कब तक तुम्हारी सहूँगा? उसे यहाँ मेरे पास लाओ।”

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