मत्ती २:१५
और हेरोदेस के मरने तक वहीं रहा। इसलिए कि वह वचन जो प्रभु ने भविष्यद्वक्ता के द्वारा कहा था पूरा हो “मैंने अपने पुत्र को मिस्र से बुलाया।” (होशे 11:1)मत्ती २:१५ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Matthew 2:15
- and was there until the death of Herod, that it might be fulfilled which was spoken by the Lord through the prophet, saying, “Out of Egypt I called my son.”
- ગુજરાતી — માથ્થી ૨:૧૫
- અને હેરોદના મરણ સુધી ત્યાં રહ્યો, એ માટે કે પ્રભુએ પ્રબોધક દ્વારા જે કહ્યું હતું તે પૂરું થાય કે, “મિસરમાંથી મેં મારા દીકરાને બોલાવ્યો.”
संदर्भ में
१३उनके चले जाने के बाद, परमेश्वर के एक दूत ने स्वप्न में प्रकट होकर यूसुफ से कहा, “उठ! उस बालक को और उसकी माता को लेकर मिस्र देश को भाग जा; और जब तक मैं तुझ से न कहूँ, तब तक वहीं रहना; क्योंकि हेरोदेस इस बालक को ढूँढ़ने पर है कि इसे मरवा डाले।”
१४तब वह रात ही को उठकर बालक और उसकी माता को लेकर मिस्र को चल दिया।
१५और हेरोदेस के मरने तक वहीं रहा। इसलिए कि वह वचन जो प्रभु ने भविष्यद्वक्ता के द्वारा कहा था पूरा हो “मैंने अपने पुत्र को मिस्र से बुलाया।” (होशे 11:1)
१६जब हेरोदेस ने यह देखा, कि ज्योतिषियों ने उसके साथ धोखा किया है, तब वह क्रोध से भर गया, और लोगों को भेजकर ज्योतिषियों से ठीक-ठीक पूछे हुए समय के अनुसार बैतलहम और उसके आस-पास के स्थानों के सब लड़कों को जो दो वर्ष के या उससे छोटे थे, मरवा डाला।
१७तब जो वचन यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता के द्वारा कहा गया था, वह पूरा हुआ
