मत्ती २०:१५
क्या यह उचित नहीं कि मैं अपने माल से जो चाहूँ वैसा करूँ? क्या तू मेरे भले होने के कारण बुरी दृष्टि से देखता है?’मत्ती २०:१५ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Matthew 20:15
- Isn’t it lawful for me to do what I want to with what I own? Or is your eye evil, because I am good?’
- ગુજરાતી — માથ્થી ૨૦:૧૫
- જે મારું છે તે મારી મરજી પ્રમાણે વાપરવાનો શું મને હક નથી? અથવા હું સારો છું માટે તારી આંખ દુષ્ટ છે શું?’
संदर्भ में
१३उसने उनमें से एक को उत्तर दिया, ‘हे मित्र, मैं तुझ से कुछ अन्याय नहीं करता; क्या तूने मुझसे एक दीनार न ठहराया?
१४जो तेरा है, उठा ले, और चला जा; मेरी इच्छा यह है कि जितना तुझे, उतना ही इस पिछले को भी दूँ।
१५क्या यह उचित नहीं कि मैं अपने माल से जो चाहूँ वैसा करूँ? क्या तू मेरे भले होने के कारण बुरी दृष्टि से देखता है?’
१६इस प्रकार जो अन्तिम हैं, वे प्रथम हो जाएँगे और जो प्रथम हैं वे अन्तिम हो जाएँगे।”
१७यीशु यरूशलेम को जाते हुए बारह चेलों को एकान्त में ले गया, और मार्ग में उनसे कहने लगा।
