मत्ती २७:२४
जब पिलातुस ने देखा, कि कुछ बन नहीं पड़ता परन्तु इसके विपरीत उपद्रव होता जाता है, तो उसने पानी लेकर भीड़ के सामने अपने हाथ धोए, और कहा, “मैं इस धर्मी के लहू से निर्दोष हूँ; तुम ही जानो।”मत्ती २७:२४ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Matthew 27:24
- So when Pilate saw that nothing was being gained, but rather that a disturbance was starting, he took water and washed his hands before the multitude, saying, “I am innocent of the blood of this righteous person. You see to it.”
- ગુજરાતી — માથ્થી ૨૭:૨૪
- જયારે પિલાતે જોયું કે તે કંઈ કરી શકે તેમ નથી, પણ તેને બદલે વધારે ગડબડ થાય છે, ત્યારે તેણે પાણી લઈને લોકોની આગળ પોતાના હાથ ધોઈને કહ્યું કે, “એ ન્યાયીના રક્ત સંબંધી હું નિર્દોષ છું; હવે એ તમારી ચિંતા છે.”
संदर्भ में
२२पिलातुस ने उनसे पूछा, “फिर यीशु को जो मसीह कहलाता है, क्या करूँ?” सब ने उससे कहा, “वह क्रूस पर चढ़ाया जाए।”
२३राज्यपाल ने कहा, “क्यों उसने क्या बुराई की है?” परन्तु वे और भी चिल्ला चिल्लाकर कहने लगे, “वह क्रूस पर चढ़ाया जाए।”
२४जब पिलातुस ने देखा, कि कुछ बन नहीं पड़ता परन्तु इसके विपरीत उपद्रव होता जाता है, तो उसने पानी लेकर भीड़ के सामने अपने हाथ धोए, और कहा, “मैं इस धर्मी के लहू से निर्दोष हूँ; तुम ही जानो।”
२५सब लोगों ने उत्तर दिया, “इसका लहू हम पर और हमारी सन्तान पर हो!”
२६इस पर उसने बरअब्बा को उनके लिये छोड़ दिया, और यीशु को कोड़े लगवाकर सौंप दिया, कि क्रूस पर चढ़ाया जाए।
