मत्ती २७:३
जब उसके पकड़वानेवाले यहूदा ने देखा कि वह दोषी ठहराया गया है तो वह पछताया और वे तीस चाँदी के सिक्के प्रधान याजकों और प्राचीनों के पास फेर लाया।मत्ती २७:३ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Matthew 27:3
- Then Judas, who betrayed him, when he saw that Jesus was condemned, felt remorse, and brought back the thirty pieces of silver to the chief priests and elders,
- ગુજરાતી — માથ્થી ૨૭:૩
- જયારે યહૂદાએ, જેણે તેમને પરાધીન કર્યાં હતા તેણે જોયું કે ઈસુને અપરાધી ઠરાવાયા છે, ત્યારે તેને ખેદ થયો, અને તેણે ચાંદીના ત્રીસ સિક્કા મુખ્ય યાજકોની તથા વડીલોની પાસે પાછા લાવીને કહ્યું કે,
संदर्भ में
१जब भोर हुई, तो सब प्रधान याजकों और लोगों के प्राचीनों ने यीशु के मार डालने की सम्मति की।
२और उन्होंने उसे बाँधा और ले जाकर पिलातुस राज्यपाल के हाथ में सौंप दिया।
३जब उसके पकड़वानेवाले यहूदा ने देखा कि वह दोषी ठहराया गया है तो वह पछताया और वे तीस चाँदी के सिक्के प्रधान याजकों और प्राचीनों के पास फेर लाया।
४और कहा, “मैंने निर्दोषी को मृत्यु के लिये पकड़वाकर पाप किया है?” उन्होंने कहा, “हमें क्या? तू ही जाने।”
५तब वह उन सिक्कों को मन्दिर में फेंककर चला गया, और जाकर अपने आपको फांसी दी।
