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Methodist Church Nadiad
न धरती की, क्योंकि वह उसके पाँवों की चौकी है; न यरूशलेम की, क्योंकि वह महाराजा का नगर है। (यशा. 66:1)

मत्ती ५:३५ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

EnglishMatthew 5:35
nor by the earth, for it is the footstool of his feet; nor by Jerusalem, for it is the city of the great King.
ગુજરાતીમાથ્થી ૫:૩૫
પૃથ્વીના નહિ, કેમ કે તે તેમનું પાયાસન છે; અને યરુશાલેમના નહિ, કેમ કે તે મોટા રાજાનું નગર છે.

संदर्भ में

३३“फिर तुम सुन चुके हो, कि पूर्वकाल के लोगों से कहा गया था, ‘झूठी शपथ न खाना, परन्तु परमेश्वर के लिये अपनी शपथ को पूरी करना।’ (व्यव. 23:21)

३४परन्तु मैं तुम से यह कहता हूँ, कि कभी शपथ न खाना; न तो स्वर्ग की, क्योंकि वह परमेश्वर का सिंहासन है। (यशा. 66:1)

३५न धरती की, क्योंकि वह उसके पाँवों की चौकी है; न यरूशलेम की, क्योंकि वह महाराजा का नगर है। (यशा. 66:1)

३६अपने सिर की भी शपथ न खाना क्योंकि तू एक बाल को भी न उजला, न काला कर सकता है।

३७परन्तु तुम्हारी बात हाँ की हाँ, या नहीं की नहीं हो; क्योंकि जो कुछ इससे अधिक होता है वह बुराई से होता है।

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