मत्ती ६:२४
“कोई मनुष्य दो स्वामियों की सेवा नहीं कर सकता, क्योंकि वह एक से बैर और दूसरे से प्रेम रखेगा, या एक से निष्ठावान रहेगा और दूसरे का तिरस्कार करेगा। तुम परमेश्वर और धन दोनों की सेवा नहीं कर सकते।मत्ती ६:२४ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Matthew 6:24
- “No one can serve two masters, for either he will hate the one and love the other, or else he will be devoted to one and despise the other. You can’t serve both God and Mammon.
- ગુજરાતી — માથ્થી ૬:૨૪
- કોઈ ચાકર બે માલિકોની ચાકરી કરી શકતો નથી, કેમ કે તે એકનો દ્વેષ કરશે, ને બીજા પર પ્રેમ કરશે, અથવા તે એકના પક્ષનો થશે, ને બીજાનો તિરસ્કાર કરશે. એકસાથે તમે ઈશ્વરની તથા દ્રવ્યની ચાકરી કરી શકો નહિ.
संदर्भ में
२२“शरीर का दीया आँख है: इसलिए यदि तेरी आँख अच्छी हो, तो तेरा सारा शरीर भी उजियाला होगा।
२३परन्तु यदि तेरी आँख बुरी हो, तो तेरा सारा शरीर भी अंधियारा होगा; इस कारण वह उजियाला जो तुझ में है यदि अंधकार हो तो वह अंधकार कैसा बड़ा होगा!
२४“कोई मनुष्य दो स्वामियों की सेवा नहीं कर सकता, क्योंकि वह एक से बैर और दूसरे से प्रेम रखेगा, या एक से निष्ठावान रहेगा और दूसरे का तिरस्कार करेगा। तुम परमेश्वर और धन दोनों की सेवा नहीं कर सकते।
२५इसलिए मैं तुम से कहता हूँ, कि अपने प्राण के लिये यह चिन्ता न करना कि हम क्या खाएँगे, और क्या पीएँगे, और न अपने शरीर के लिये कि क्या पहनेंगे, क्या प्राण भोजन से, और शरीर वस्त्र से बढ़कर नहीं?
२६आकाश के पक्षियों को देखो! वे न बोते हैं, न काटते हैं, और न खत्तों में बटोरते हैं; तो भी तुम्हारा स्वर्गीय पिता उनको खिलाता है। क्या तुम उनसे अधिक मूल्य नहीं रखते?
