नहेम्याह २:३
मैंने राजा से कहा, “राजा सदा जीवित रहे! जब वह नगर जिसमें मेरे पुरखाओं की कब्रें हैं, उजाड़ पड़ा है और उसके फाटक जले हुए हैं, तो मेरा मुँह क्यों न उतरे?”नहेम्याह २:३ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Nehemiah 2:3
- I said to the king, “Let the king live forever! Why shouldn’t my face be sad, when the city, the place of my fathers’ tombs, lies waste, and its gates have been consumed with fire?”
- ગુજરાતી — નહેમ્યા ૨:૩
- મેં રાજાને જવાબ આપ્યો, “રાજા, ચિરંજીવ રહો; કારણ કે જે નગરમાં મારા પિતૃઓને દફનાવવામાં આવ્યા છે તે ખંડિયર થઈ ગયું છે અને તેના દરવાજા અગ્નિથી બળીને ભસ્મ થઈ ગયા છે. એટલે હું ઉદાસ થયેલો છું.”
संदर्भ में
१अर्तक्षत्र राजा के बीसवें वर्ष के नीसान नामक महीने में, जब उसके सामने दाखमधु था, तब मैंने दाखमधु उठाकर राजा को दिया। इससे पहले मैं उसके सामने कभी उदास न हुआ था।
२तब राजा ने मुझसे पूछा, “तू तो रोगी नहीं है, फिर तेरा मुँह क्यों उतरा है? यह तो मन ही की उदासी होगी।” तब मैं अत्यन्त डर गया।
३मैंने राजा से कहा, “राजा सदा जीवित रहे! जब वह नगर जिसमें मेरे पुरखाओं की कब्रें हैं, उजाड़ पड़ा है और उसके फाटक जले हुए हैं, तो मेरा मुँह क्यों न उतरे?”
४राजा ने मुझसे पूछा, “फिर तू क्या माँगता है?” तब मैंने स्वर्ग के परमेश्वर से प्रार्थना करके, राजा से कहा;
५“यदि राजा को भाए, और तू अपने दास से प्रसन्न हो, तो मुझे यहूदा और मेरे पुरखाओं की कब्रों के नगर को भेज, ताकि मैं उसे बनाऊँ।”
