नहेम्याह २:८
और सरकारी जंगल के रखवाले आसाप के लिये भी इस आशय की चिट्ठी मुझे दी जाए ताकि वह मुझे भवन से लगे हुए राजगढ़ की कड़ियों के लिये, और शहरपनाह के, और उस घर के लिये, जिसमें मैं जाकर रहूँगा, लकड़ी दे।” मेरे परमेश्वर की कृपादृष्टि मुझ पर थी, इसलिए राजा ने यह विनती स्वीकार कर ली।नहेम्याह २:८ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Nehemiah 2:8
- and a letter to Asaph the keeper of the king’s forest, that he may give me timber to make beams for the gates of the citadel by the temple, for the wall of the city, and for the house that I will occupy.” The king granted my requests, because of the good hand of my God on me.
- ગુજરાતી — નહેમ્યા ૨:૮
- વળી રાજાના વનરક્ષક આસાફ પર પણ એવો એક પત્ર અપાવજો કે ભક્તિસ્થાનના કિલ્લાના દરવાજાઓના મોભ બનાવવા માટે નગરના કોટને તથા જે ઘરમાં હું રહું તેને માટે મને લાકડાં આપે.” મારા પર મારા ઈશ્વરની કૃપા હોવાથી રાજાએ મારી અરજ માન્ય કરી.
संदर्भ में
६तब राजा ने जिसके पास रानी भी बैठी थी, मुझसे पूछा, “तू कितने दिन तक यात्रा में रहेगा? और कब लौटेगा?” अतः राजा मुझे भेजने को प्रसन्न हुआ; और मैंने उसके लिये एक समय नियुक्त किया।
७फिर मैंने राजा से कहा, “यदि राजा को भाए, तो महानद के पार के अधिपतियों के लिये इस आशय की चिट्ठियाँ मुझे दी जाएँ कि जब तक मैं यहूदा को न पहुँचूँ, तब तक वे मुझे अपने-अपने देश में से होकर जाने दें।
८और सरकारी जंगल के रखवाले आसाप के लिये भी इस आशय की चिट्ठी मुझे दी जाए ताकि वह मुझे भवन से लगे हुए राजगढ़ की कड़ियों के लिये, और शहरपनाह के, और उस घर के लिये, जिसमें मैं जाकर रहूँगा, लकड़ी दे।” मेरे परमेश्वर की कृपादृष्टि मुझ पर थी, इसलिए राजा ने यह विनती स्वीकार कर ली।
९तब मैंने महानद के पार के अधिपतियों के पास जाकर उन्हें राजा की चिट्ठियाँ दीं। राजा ने मेरे संग सेनापति और सवार भी भेजे थे।
१०यह सुनकर कि एक मनुष्य इस्राएलियों के कल्याण का उपाय करने को आया है, होरोनी सम्बल्लत और तोबियाह नामक कर्मचारी जो अम्मोनी था, उन दोनों को बहुत बुरा लगा ।
