नहेम्याह ४:२
वह अपने भाइयों के और सामरिया की सेना के सामने यह कहने लगा, “वे निर्बल यहूदी क्या करना चाहते हैं? क्या वे वह काम अपने बल से करेंगे? क्या वे अपना स्थान दृढ़ करेंगे? क्या वे यज्ञ करेंगे? क्या वे आज ही सब को निपटा डालेंगे? क्या वे मिट्टी के ढेरों में के जले हुए पत्थरों को फिर नये सिरे से बनाएँगे?”नहेम्याह ४:२ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Nehemiah 4:2
- He spoke before his brothers and the army of Samaria, and said, “What are these feeble Jews doing? Will they fortify themselves? Will they sacrifice? Will they finish in a day? Will they revive the stones out of the heaps of rubbish, since they are burned?”
- ગુજરાતી — નહેમ્યા ૪:૨
- તેના ભાઈઓ અને સમરુનના સૈન્યની હાજરીમાં તે બોલ્યો, “આ નિર્બળ યહૂદીઓ શું કરી રહ્યા છે? શું તેઓ પોતાને માટે ફરીથી નગર બાંધશે? શું તેઓ યજ્ઞ ચઢાવશે? શું તેઓ આ કામ એક દિવસમાં પૂરું કરી શકશે? શું બળી ગયેલી ઈમારતોના ધૂળઢેફાંના ઢગલામાંથી તેઓ પુન:નિર્માણ કરશે?
संदर्भ में
१जब सम्बल्लत ने सुना कि यहूदी लोग शहरपनाह को बना रहे हैं, तब उसने बुरा माना, और बहुत रिसियाकर यहूदियों को उपहास में उड़ाने लगा।
२वह अपने भाइयों के और सामरिया की सेना के सामने यह कहने लगा, “वे निर्बल यहूदी क्या करना चाहते हैं? क्या वे वह काम अपने बल से करेंगे? क्या वे अपना स्थान दृढ़ करेंगे? क्या वे यज्ञ करेंगे? क्या वे आज ही सब को निपटा डालेंगे? क्या वे मिट्टी के ढेरों में के जले हुए पत्थरों को फिर नये सिरे से बनाएँगे?”
३उसके पास तो अम्मोनी तोबियाह था, और वह कहने लगा, “जो कुछ वे बना रहे हैं, यदि कोई गीदड़ भी उस पर चढ़े, तो वह उनकी बनाई हुई पत्थर की शहरपनाह को तोड़ देगा।”
४हे हमारे परमेश्वर सुन ले, कि हमारा अपमान हो रहा है; और उनका किया हुआ अपमान उन्हीं के सिर पर लौटा दे, और उन्हें बँधुआई के देश में लुटवा दे।
