नहेम्याह ७:३
और मैंने उनसे कहा, “ जब तक धूप कड़ी न हो , तब तक यरूशलेम के फाटक न खोले जाएँ और जब पहरुए पहरा देते रहें, तब ही फाटक बन्द किए जाएँ और बेड़े लगाए जाएँ। फिर यरूशलेम के निवासियों में से तू रखवाले ठहरा जो अपना-अपना पहरा अपने-अपने घर के सामने दिया करें।”नहेम्याह ७:३ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Nehemiah 7:3
- I said to them, “Don’t let the gates of Jerusalem be opened until the sun is hot; and while they stand guard, let them shut the doors, and you bar them; and appoint watches of the inhabitants of Jerusalem, everyone in his watch, with everyone near his house.”
- ગુજરાતી — નહેમ્યા ૭:૩
- અને મેં તેઓને કહ્યું, “દિવસ ચઢે ત્યાં સુધી યરુશાલેમના દરવાજા ખોલવા નહિ અને જ્યારે ચોકીદારો ચોકી કરતા હોય ત્યારે તેઓએ દરવાજાનાં બારણાં બંધ રાખવાં. યરુશાલેમના રહેવાસીઓમાંથી તમારે ચોકીદારો નીમવા. દરેક જણ નિયત જગ્યાએ ચોકી કરે અને બાકીના પોતાના ઘર આગળ ચોકી કરે.”
संदर्भ में
१जब शहरपनाह बन गई, और मैंने उसके फाटक खड़े किए, और द्वारपाल, और गवैये, और लेवीय लोग ठहराये गए,
२तब मैंने अपने भाई हनानी और राजगढ़ के हाकिम हनन्याह को यरूशलेम का अधिकारी ठहराया, क्योंकि यह सच्चा पुरुष और बहुतेरों से अधिक परमेश्वर का भय माननेवाला था।
३और मैंने उनसे कहा, “ जब तक धूप कड़ी न हो , तब तक यरूशलेम के फाटक न खोले जाएँ और जब पहरुए पहरा देते रहें, तब ही फाटक बन्द किए जाएँ और बेड़े लगाए जाएँ। फिर यरूशलेम के निवासियों में से तू रखवाले ठहरा जो अपना-अपना पहरा अपने-अपने घर के सामने दिया करें।”
४नगर तो लम्बा चौड़ा था, परन्तु उसमें लोग थोड़े थे , और घर नहीं बने थे।
५तब मेरे परमेश्वर ने मेरे मन में यह उपजाया कि रईसों, हाकिमों और प्रजा के लोगों को इसलिए इकट्ठे करूँ, कि वे अपनी-अपनी वंशावली के अनुसार गिने जाएँ। और मुझे पहले-पहल यरूशलेम को आए हुओं का वंशावली पत्र मिला, और उसमें मैंने यह लिखा हुआ पाया।
