नहेम्याह ८:१५
और अपने सब नगरों और यरूशलेम में यह सुनाया और प्रचार किया जाए, “पहाड़ पर जाकर जैतून, तैलवृक्ष, मेंहदी, खजूर और घने-घने वृक्षों की डालियाँ ले आकर झोपड़ियाँ बनाओ, जैसे कि लिखा है।”नहेम्याह ८:१५ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Nehemiah 8:15
- and that they should publish and proclaim in all their cities and in Jerusalem, saying, “Go out to the mountain, and get olive branches, branches of wild olive, myrtle branches, palm branches, and branches of thick trees, to make temporary shelters, as it is written.”
- ગુજરાતી — નહેમ્યા ૮:૧૫
- એટલે તેઓએ યરુશાલેમમાં અને બીજાં બધાં નગરોમાં એવું જાહેર કરાવ્યું કે, “પર્વતીય પ્રદેશમાં જાઓ અને નિયમશાસ્ત્રમાં લખ્યા પ્રમાણે માંડવા બનાવવા માટે જૈતૂનની, જંગલી જૈતૂનની, મેંદીની, ખજૂરીની તેમ જ બીજાં ઘટાદાર વૃક્ષોની ડાળીઓ લઈ આવો.”
संदर्भ में
१३दूसरे दिन भी समस्त प्रजा के पितरों के घराने के मुख्य-मुख्य पुरुष और याजक और लेवीय लोग, एज्रा शास्त्री के पास व्यवस्था के वचन ध्यान से सुनने के लिये इकट्ठे हुए।
१४उन्हें व्यवस्था में यह लिखा हुआ मिला, कि यहोवा ने मूसा को यह आज्ञा दी थी, कि इस्राएली सातवें महीने के पर्व के समय झोपड़ियों में रहा करें,
१५और अपने सब नगरों और यरूशलेम में यह सुनाया और प्रचार किया जाए, “पहाड़ पर जाकर जैतून, तैलवृक्ष, मेंहदी, खजूर और घने-घने वृक्षों की डालियाँ ले आकर झोपड़ियाँ बनाओ, जैसे कि लिखा है।”
१६अतः सब लोग बाहर जाकर डालियाँ ले आए, और अपने-अपने घर की छत पर, और अपने आँगनों में, और परमेश्वर के भवन के आँगनों में, और जलफाटक के चौक में, और एप्रैम के फाटक के चौक में, झोपड़ियाँ बना लीं।
१७वरन् सब मण्डली के लोग जितने बँधुआई से छूटकर लौट आए थे, झोपड़ियाँ बनाकर उनमें रहे। नून के पुत्र यहोशू के दिनों से लेकर उस दिन तक इस्राएलियों ने ऐसा नहीं किया था। उस समय बहुत बड़ा आनन्द हुआ।
