गिनती ११:२६
परन्तु दो मनुष्य छावनी में रह गए थे, जिसमें से एक का नाम एलदाद और दूसरे का मेदाद था, उनमें भी आत्मा आया; ये भी उन्हीं में से थे जिनके नाम लिख लिए गये थे, पर तम्बू के पास न गए थे, और वे छावनी ही में भविष्यद्वाणी करने लगे।गिनती ११:२६ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Numbers 11:26
- But two men remained in the camp. The name of one was Eldad, and the name of the other Medad; and the Spirit rested on them. They were of those who were written, but had not gone out to the Tent; and they prophesied in the camp.
- ગુજરાતી — ગણના ૧૧:૨૬
- પરંતુ છાવણીમાં બે પુરુષો રહી ગયા હતાં. એકનું નામ એલ્દાદ તથા બીજાનું મેદાદ હતું. અને તેઓના પર આત્મા રહ્યો. તેઓનાં નામ યાદીમાં લખાયેલાં હતાં, પણ બહાર નીકળીને તંબુ પાસે ગયા ન હતા અને છાવણીમાં તેઓ પ્રબોધ કરવા લાગ્યા.
संदर्भ में
२४तब मूसा ने बाहर जाकर प्रजा के लोगों को यहोवा की बातें कह सुनाईं; और उनके पुरनियों में से सत्तर पुरुष इकट्ठा करके तम्बू के चारों ओर खड़े किए।
२५तब यहोवा बादल में होकर उतरा और उसने मूसा से बातें कीं, और जो आत्मा उसमें था उसमें से लेकर उन सत्तर पुरनियों में समवा दिया; और जब वह आत्मा उनमें आया तब वे भविष्यद्वाणी करने लगे । परन्तु फिर और कभी न की।
२६परन्तु दो मनुष्य छावनी में रह गए थे, जिसमें से एक का नाम एलदाद और दूसरे का मेदाद था, उनमें भी आत्मा आया; ये भी उन्हीं में से थे जिनके नाम लिख लिए गये थे, पर तम्बू के पास न गए थे, और वे छावनी ही में भविष्यद्वाणी करने लगे।
२७तब किसी जवान ने दौड़कर मूसा को बताया, कि एलदाद और मेदाद छावनी में भविष्यद्वाणी कर रहे हैं।
२८तब नून का पुत्र यहोशू, जो मूसा का टहलुआ और उसके चुने हुए वीरों में से था, उसने मूसा से कहा, “हे मेरे स्वामी मूसा, उनको रोक दे।”
