गिनती ११:३१
तब यहोवा की ओर से एक बड़ी आँधी आई, और वह समुद्र से बटेरें उड़ाकर छावनी पर और उसके चारों ओर इतनी ले आई, कि वे इधर-उधर एक दिन के मार्ग तक भूमि पर दो हाथ के लगभग ऊँचे तक छा गए।गिनती ११:३१ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Numbers 11:31
- A wind from the LORD went out and brought quails from the sea, and let them fall by the camp, about a day’s journey on this side, and a day’s journey on the other side, around the camp, and about two cubits above the surface of the earth.
- ગુજરાતી — ગણના ૧૧:૩૧
- પછી તરત યહોવાહ પાસેથી પવન આવ્યો અને તે સમુદ્ર તરફથી લાવરીઓને ઘસડી લાવ્યો. અને છાવણીની પાસે આ બાજુએ એક દિવસની મુસાફરી સુધી તથા બીજી બાજુએ એક દિવસની મુસાફરી સુધી તેઓને છાવણીની આસપાસ નાખી. અને તેઓ જમીનથી આશરે બત્રીસ હાથ ઊંચે તેઓ ઊડતી હતી.
संदर्भ में
२९मूसा ने उससे कहा, “क्या तू मेरे कारण जलता है? भला होता कि यहोवा की सारी प्रजा के लोग भविष्यद्वक्ता होते, और यहोवा अपना आत्मा उन सभी में समवा देता!” (1 कुरि. 14:5)
३०तब फिर मूसा इस्राएल के पुरनियों समेत छावनी में चला गया।
३१तब यहोवा की ओर से एक बड़ी आँधी आई, और वह समुद्र से बटेरें उड़ाकर छावनी पर और उसके चारों ओर इतनी ले आई, कि वे इधर-उधर एक दिन के मार्ग तक भूमि पर दो हाथ के लगभग ऊँचे तक छा गए।
३२और लोगों ने उठकर उस दिन भर और रात भर, और दूसरे दिन भी दिन भर बटेरों को बटोरते रहे; जिसने कम से कम बटोरा उसने दस होमेर बटोरा; और उन्होंने उन्हें छावनी के चारों ओर फैला दिया।
३३माँस उनके मुँह ही में था, और वे उसे खाने न पाए थे कि यहोवा का कोप उन पर भड़क उठा, और उसने उनको बहुत बड़ी मार से मारा।
