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Methodist Church Nadiad
इसलिए आ, और उन लोगों को मेरे निमित्त श्राप दे, क्योंकि वे मुझसे अधिक बलवन्त हैं, तब सम्भव है कि हम उन पर जयवन्त हों, और हम सब इनको अपने देश से मारकर निकाल दें; क्योंकि यह तो मैं जानता हूँ कि जिसको तू आशीर्वाद देता है वह धन्य होता है, और जिसको तू श्राप देता है वह श्रापित होता है।”

गिनती २२:६ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

EnglishNumbers 22:6
Please come now therefore, and curse this people for me; for they are too mighty for me. Perhaps I shall prevail, that we may strike them, and that I may drive them out of the land; for I know that he whom you bless is blessed, and he whom you curse is cursed.”
ગુજરાતીગણના ૨૨:૬
કૃપા કરીને આવ અને મારા માટે આ રાષ્ટ્રને શાપ આપ, કેમ કે તેઓ મારા કરતાં વધારે બળવાન છે. કદાચ હું આ લોકોને હુમલો કરીને એવી રીતે મારું કે તેઓને દેશમાંથી હાંકી કાઢી શકું. હું જાણું છું કે જેને તું આશીર્વાદ આપે છે તે આશીર્વાદિત થાય છે અને જેને તું શાપ આપે છે તે શાપિત થાય છે.”

संदर्भ में

तब मोआबियों ने मिद्यानी पुरनियों से कहा, “अब वह दल हमारे चारों ओर के सब लोगों को चट कर जाएगा, जिस तरह बैल खेत की हरी घास को चट कर जाता है।” उस समय सिप्पोर का पुत्र बालाक मोआब का राजा था;

और इसने पतोर नगर को, जो फरात के तट पर बोर के पुत्र बिलाम के जातिभाइयों की भूमि थी, वहाँ बिलाम के पास दूत भेजे कि वे यह कहकर उसे बुला लाएँ, “सुन एक दल मिस्र से निकल आया है, और भूमि उनसे ढक गई है, और अब वे मेरे सामने ही आकर बस गए हैं।

इसलिए आ, और उन लोगों को मेरे निमित्त श्राप दे, क्योंकि वे मुझसे अधिक बलवन्त हैं, तब सम्भव है कि हम उन पर जयवन्त हों, और हम सब इनको अपने देश से मारकर निकाल दें; क्योंकि यह तो मैं जानता हूँ कि जिसको तू आशीर्वाद देता है वह धन्य होता है, और जिसको तू श्राप देता है वह श्रापित होता है।”

तब मोआबी और मिद्यानी पुरनिये भावी कहने की दक्षिणा लेकर चले, और बिलाम के पास पहुँचकर बालाक की बातें कह सुनाईं। (2 पत. 2:15, यहू. 1:1)

उसने उनसे कहा, “आज रात को यहाँ टिको, और जो बात यहोवा मुझसे कहेगा, उसी के अनुसार मैं तुम को उत्तर दूँगा।” तब मोआब के हाकिम बिलाम के यहाँ ठहर गए।

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