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Methodist Church Nadiad
अर्थात् यदि उसका पति दिन प्रतिदिन उससे कुछ भी न कहे, तो वह उसको सब मन्नतें आदि बन्धनों को जिनसे वह बंधी हो दृढ़ कर देता है; उसने उनको दृढ़ किया है, क्योंकि सुनने के दिन उसने कुछ नहीं कहा।

गिनती ३०:१४ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

EnglishNumbers 30:14
But if her husband says nothing to her from day to day, then he establishes all her vows or all her pledges which are on her. He has established them, because he said nothing to her in the day that he heard them.
ગુજરાતીગણના ૩૦:૧૪
પરંતુ જો તે તેને દિનપ્રતિદિન કંઈ જ ન કહે, તો જે સંકલ્પો તથા વચનો જે વડે તેણે પોતાને આધીન કરી હોય તે કાયમ રહે. તેણે તે કાયમ રાખ્યા છે કેમ કે તેણે તે સમયે તેને કંઈ જ કહ્યું નહિ કે તેણે તે વિષે સાંભળ્યું છે.

संदर्भ में

१२परन्तु यदि उसका पति उसकी मन्नत आदि सुनकर उसी दिन पूरी रीति से तोड़ दे, तो उसकी मन्नतें आदि, जो कुछ उसके मुँह से अपने बन्धन के विषय निकला हो, उसमें से एक बात भी स्थिर न रहे; उसके पति ने सब तोड़ दिया है; इसलिए यहोवा उस स्त्री का वह पाप क्षमा करेगा।

१३कोई भी मन्नत या शपथ क्यों न हो, जिससे उस स्त्री ने अपने जीव को दुःख देने की वाचा बाँधी हो, उसको उसका पति चाहे तो दृढ़ करे, और चाहे तो तोड़े;

१४अर्थात् यदि उसका पति दिन प्रतिदिन उससे कुछ भी न कहे, तो वह उसको सब मन्नतें आदि बन्धनों को जिनसे वह बंधी हो दृढ़ कर देता है; उसने उनको दृढ़ किया है, क्योंकि सुनने के दिन उसने कुछ नहीं कहा।

१५और यदि वह उन्हें सुनकर बहुत दिन पश्चात् तोड़ दे, तो अपनी स्त्री के अधर्म का भार वही उठाएगा।”

१६पति-पत्नी के बीच, और पिता और उसके घर में रहती हुई कुँवारी बेटी के बीच, जिन विधियों की आज्ञा यहोवा ने मूसा को दी वे ये ही हैं।

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