गिनती ३५:३०
और जो कोई किसी मनुष्य को मार डाले वह साक्षियों के कहने पर मार डाला जाए, परन्तु एक ही साक्षी की साक्षी से कोई न मार डाला जाए। (व्यव. 17:6, मत्ती 18:16)गिनती ३५:३० · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Numbers 35:30
- “‘Whoever kills any person, the murderer shall be slain based on the testimony of witnesses; but one witness shall not testify alone against any person so that he dies.
- ગુજરાતી — ગણના ૩૫:૩૦
- જે કોઈ વ્યક્તિનું ખૂન કરે, ખૂની સાક્ષીઓને આધારે દેહાંતદંડ ભોગવે. ફક્ત એક જ સાક્ષીનો પુરાવો દેહાંતદંડ આપવા માટે પૂરતો ગણાય નહિ.
संदर्भ में
२८क्योंकि खूनी को महायाजक की मृत्यु तक शरणनगर में रहना चाहिये; और महायाजक के मरने के पश्चात् वह अपनी निज भूमि को लौट सकेगा।
२९“तुम्हारी पीढ़ी-पीढ़ी में तुम्हारे सब रहने के स्थानों में न्याय की यह विधि होगी।
३०और जो कोई किसी मनुष्य को मार डाले वह साक्षियों के कहने पर मार डाला जाए, परन्तु एक ही साक्षी की साक्षी से कोई न मार डाला जाए। (व्यव. 17:6, मत्ती 18:16)
३१और जो खूनी प्राणदण्ड के योग्य ठहरे उससे प्राणदण्ड के बदले में जुर्माना न लेना; वह अवश्य मार डाला जाए।
३२और जो किसी शरणनगर में भागा हो उसके लिये भी इस मतलब से जुर्माना न लेना, कि वह याजक के मरने से पहले फिर अपने देश में रहने को लौटने पाए।
