ओबद्याह १:१३
तुझे उचित नहीं था कि मेरी प्रजा की विपत्ति के दिन तू उसके फाटक में घुसता, और उसकी विपत्ति के दिन उसकी दुर्दशा को देखता रहता, और उसकी विपत्ति के दिन उसकी धन-सम्पत्ति पर हाथ लगाता।ओबद्याह १:१३ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Obadiah 1:13
- Don’t enter into the gate of my people in the day of their calamity. Don’t look down on their affliction in the day of their calamity, neither seize their wealth on the day of their calamity.
- ગુજરાતી — ઓબાદ્યા ૧:૧૩
- મારા લોકોની આપત્તિને દિવસે એમના દરવાજામાં દાખલ ન થા; તેઓની આપત્તિના સમયે તેઓની વિપત્તિ ન નિહાળ. તેમની વિપત્તિના સમયે તેઓની સંપત્તિ પર હાથ ન નાખ.
संदर्भ में
११जिस दिन परदेशी लोग उसकी धन-सम्पत्ति छीनकर ले गए, और पराए लोगों ने उसके फाटकों से घुसकर यरूशलेम पर चिट्ठी डाली, उस दिन तू भी उनमें से एक था।
१२परन्तु तुझे उचित नहीं था कि तू अपने भाई के दिन में, अर्थात् उसकी विपत्ति के दिन में उसकी ओर देखता रहता, और यहूदियों के विनाश के दिन उनके ऊपर आनन्द करता, और उनके संकट के दिन बड़ा बोल बोलता।
१३तुझे उचित नहीं था कि मेरी प्रजा की विपत्ति के दिन तू उसके फाटक में घुसता, और उसकी विपत्ति के दिन उसकी दुर्दशा को देखता रहता, और उसकी विपत्ति के दिन उसकी धन-सम्पत्ति पर हाथ लगाता।
१४तुझे उचित नहीं था कि चौराहों पर उसके भागनेवालों को मार डालने के लिये खड़ा होता, और संकट के दिन उसके बचे हुओं को पकड़ाता।
१५क्योंकि सारी जातियों पर यहोवा के दिन का आना निकट है । जैसा तूने किया है, वैसा ही तुझ से भी किया जाएगा, तेरा व्यवहार लौटकर तेरे ही सिर पर पड़ेगा।
