ओबद्याह १:५
यदि चोर-डाकू रात को तेरे पास आते, (हाय, तू कैसे मिटा दिया गया है!) तो क्या वे चुराए हुए धन से तृप्त होकर चले न जाते? और यदि दाख के तोड़नेवाले तेरे पास आते, तो क्या वे कहीं-कहीं दाख न छोड़ जाते? (यिर्म. 49:9)ओबद्याह १:५ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Obadiah 1:5
- “If thieves came to you, if robbers by night—oh, what disaster awaits you—wouldn’t they only steal until they had enough? If grape pickers came to you, wouldn’t they leave some gleaning grapes?
- ગુજરાતી — ઓબાદ્યા ૧:૫
- જો ચોરો તારી પાસે આવે, અને રાત્રે લૂંટારાઓ તારી પાસે આવે, તો અરે તું કેવો નષ્ટ થયો છે. તો શું તેઓને સંતોષ થાય તેટલું તેઓ લઈ નહિ જાય.? જો દ્રાક્ષ વીણનારા તારી પાસે આવે તો, તેઓ નકામી દ્રાક્ષાઓ પડતી નહિ મૂકે?
संदर्भ में
३हे पहाड़ों की दरारों में बसनेवाले, हे ऊँचे स्थान में रहनेवाले, तेरे अभिमान ने तुझे धोखा दिया है ; तू मन में कहता है, “कौन मुझे भूमि पर उतार देगा?”
४परन्तु चाहे तू उकाब के समान ऊँचा उड़ता हो , वरन् तारागण के बीच अपना घोंसला बनाए हो, तो भी मैं तुझे वहाँ से नीचे गिराऊँगा, यहोवा की यही वाणी है।
५यदि चोर-डाकू रात को तेरे पास आते, (हाय, तू कैसे मिटा दिया गया है!) तो क्या वे चुराए हुए धन से तृप्त होकर चले न जाते? और यदि दाख के तोड़नेवाले तेरे पास आते, तो क्या वे कहीं-कहीं दाख न छोड़ जाते? (यिर्म. 49:9)
६परन्तु एसाव का धन कैसे खोजकर लूटा गया है, उसका गुप्त धन कैसे पता लगा लगाकर निकाला गया है!
७जितनों ने तुझ से वाचा बाँधी थी, उन सभी ने तुझे सीमा तक ढकेल दिया है; जो लोग तुझ से मेल रखते थे, वे तुझको धोका देकर तुझ पर प्रबल हुए हैं; वे तेरी रोटी खाते हैं, वे तेरे लिये फंदा लगाते हैं उसमें कुछ समझ नहीं है।
