फिलिप्पियों २:३
स्वार्थ या मिथ्यागर्व के लिये कुछ न करो, पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो।फिलिप्पियों २:३ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Philippians 2:3
- doing nothing through rivalry or through conceit, but in humility, each counting others better than himself;
- ગુજરાતી — ફિલિપ્પીઓને પત્ર ૨:૩
- પક્ષાપક્ષીથી કે મિથ્યાભિમાનથી કશું કરો નહિ, દરેકે નમ્ર ભાવથી પોતાના કરતાં બીજાઓને ઉત્તમ ગણવા.
संदर्भ में
१अतः यदि मसीह में कुछ प्रोत्साहन और प्रेम से ढाढ़स और आत्मा की सहभागिता, और कुछ करुणा और दया हो,
२तो मेरा यह आनन्द पूरा करो कि एक मन रहो और एक ही प्रेम, एक ही चित्त, और एक ही मनसा रखो।
३स्वार्थ या मिथ्यागर्व के लिये कुछ न करो, पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो।
४हर एक अपने ही हित की नहीं, वरन् दूसरों के हित की भी चिन्ता करे।
५जैसा मसीह यीशु का स्वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्वभाव हो;
