फिलिप्पियों ४:१२
मैं दीन होना भी जानता हूँ और बढ़ना भी जानता हूँ; हर एक बात और सब दशाओं में मैंने तृप्त होना, भूखा रहना, और बढ़ना-घटना सीखा है।फिलिप्पियों ४:१२ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Philippians 4:12
- I know how to be humbled, and I also know how to abound. In any and all circumstances I have learned the secret both to be filled and to be hungry, both to abound and to be in need.
- ગુજરાતી — ફિલિપ્પીઓને પત્ર ૪:૧૨
- ગરીબીમાં કેવી રીતે જીવવું એ પણ હું જાણું છું તથા સમૃદ્ધિમાં પણ કેવી રીતે જીવવું એ પણ હું જાણું છું; દરેકપ્રકારે તથા સર્વમાં તૃપ્તિમાં તથા ભૂખમાં, પુષ્કળતામાં અને તંગીમાં રહેવાને હું શીખ્યો છું.
संदर्भ में
१०मैं प्रभु में बहुत आनन्दित हूँ कि अब इतने दिनों के बाद तुम्हारा विचार मेरे विषय में फिर जागृत हुआ है; निश्चय तुम्हें आरम्भ में भी इसका विचार था, पर तुम्हें अवसर न मिला।
११यह नहीं कि मैं अपनी घटी के कारण यह कहता हूँ; क्योंकि मैंने यह सीखा है कि जिस दशा में हूँ, उसी में सन्तोष करूँ।
१२मैं दीन होना भी जानता हूँ और बढ़ना भी जानता हूँ; हर एक बात और सब दशाओं में मैंने तृप्त होना, भूखा रहना, और बढ़ना-घटना सीखा है।
१३जो मुझे सामर्थ्य देता है उसमें मैं सब कुछ कर सकता हूँ ।
१४तो भी तुम ने भला किया कि मेरे क्लेश में मेरे सहभागी हुए।
