नीतिवचन १:१७
क्योंकि पक्षी के देखते हुए जाल फैलाना व्यर्थ होता है;नीतिवचन १:१७ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Proverbs 1:17
- For the net is spread in vain in the sight of any bird;
- ગુજરાતી — નીતિવચનો ૧:૧૭
- કારણ કે જ્યારે પક્ષીઓ સાવધ હોય ત્યારે જાળ પાથરવી તે નિરર્થક છે.
संदर्भ में
१५तो, हे मेरे पुत्र तू उनके संग मार्ग में न चलना, वरन् उनकी डगर में पाँव भी न रखना;
१६क्योंकि वे बुराई ही करने को दौड़ते हैं, और हत्या करने को फुर्ती करते हैं। (रोम. 3:15-17)
१७क्योंकि पक्षी के देखते हुए जाल फैलाना व्यर्थ होता है;
१८और ये लोग तो अपनी ही हत्या करने के लिये घात लगाते हैं, और अपने ही प्राणों की घात की ताक में रहते हैं।
१९सब लालचियों की चाल ऐसी ही होती है; उनका प्राण लालच ही के कारण नाश हो जाता है।
