नीतिवचन १०:३२
धर्मी ग्रहणयोग्य बात समझकर बोलता है, परन्तु दुष्टों के मुँह से उलट-फेर की बातें निकलती हैं।नीतिवचन १०:३२ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Proverbs 10:32
- The lips of the righteous know what is acceptable, but the mouth of the wicked is perverse.
- ગુજરાતી — નીતિવચનો ૧૦:૩૨
- સંતોષકારક અને ઉચિત શું છે તે સદાચારીના હોઠ જાણે છે. પણ દુષ્ટ પોતાને મુખે અવળું બોલે છે.
संदर्भ में
३०धर्मी सदा अटल रहेगा, परन्तु दुष्ट पृथ्वी पर बसने न पाएँगे।
३१धर्मी के मुँह से बुद्धि टपकती है, पर उलट-फेर की बात कहनेवाले की जीभ काटी जाएगी।
३२धर्मी ग्रहणयोग्य बात समझकर बोलता है, परन्तु दुष्टों के मुँह से उलट-फेर की बातें निकलती हैं।
