नीतिवचन ११:२४
ऐसे हैं, जो छितरा देते हैं, फिर भी उनकी बढ़ती ही होती है; और ऐसे भी हैं जो यथार्थ से कम देते हैं, और इससे उनकी घटती ही होती है। (2 कुरि. 9:6)नीतिवचन ११:२४ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Proverbs 11:24
- There is one who scatters, and increases yet more. There is one who withholds more than is appropriate, but gains poverty.
- ગુજરાતી — નીતિવચનો ૧૧:૨૪
- એવા માણસો છે કે જેઓ વેરી નાખે છે તેમ છતાં વૃદ્ધિ પામે છે; અને કેટલાક વધુ પડતી કરકસર કરે છે તેમ છતાં તેઓ કંગાળ થાય છે.
संदर्भ में
२२जो सुन्दर स्त्री विवेक नहीं रखती, वह थूथन में सोने की नत्थ पहने हुए सूअर के समान है।
२३धर्मियों की लालसा तो केवल भलाई की होती है; परन्तु दुष्टों की आशा का फल क्रोध ही होता है।
२४ऐसे हैं, जो छितरा देते हैं, फिर भी उनकी बढ़ती ही होती है; और ऐसे भी हैं जो यथार्थ से कम देते हैं, और इससे उनकी घटती ही होती है। (2 कुरि. 9:6)
२५उदार प्राणी हष्ट-पुष्ट हो जाता है, और जो औरों की खेती सींचता है, उसकी भी सींची जाएगी।
२६जो अपना अनाज जमाखोरी करता है, उसको लोग श्राप देते हैं, परन्तु जो उसे बेच देता है, उसको आशीर्वाद दिया जाता है।
