नीतिवचन १७:१०
एक घुड़की समझनेवाले के मन में जितनी गड़ जाती है, उतना सौ बार मार खाना मूर्ख के मन में नहीं गड़ता।नीतिवचन १७:१० · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Proverbs 17:10
- A rebuke enters deeper into one who has understanding than a hundred lashes into a fool.
- ગુજરાતી — નીતિવચનો ૧૭:૧૦
- મૂર્ખને સો ફટકાના કરતાં બુદ્ધિમાનને એક ઠપકાનો ઘા વધારે ઊંડી અસર કરે છે.
संदर्भ में
८घूस देनेवाला व्यक्ति घूस को मोह लेनेवाला मणि समझता है; ऐसा पुरुष जिधर फिरता, उधर उसका काम सफल होता है।
९जो दूसरे के अपराध को ढाँप देता है, वह प्रेम का खोजी ठहरता है , परन्तु जो बात की चर्चा बार बार करता है, वह परम मित्रों में भी फूट करा देता है।
१०एक घुड़की समझनेवाले के मन में जितनी गड़ जाती है, उतना सौ बार मार खाना मूर्ख के मन में नहीं गड़ता।
११बुरा मनुष्य दंगे ही का यत्न करता है, इसलिए उसके पास क्रूर दूत भेजा जाएगा।
१२बच्चा–छीनी–हुई–रीछनी से मिलना, मूर्खता में डूबे हुए मूर्ख से मिलने से बेहतर है।
