नीतिवचन १७:५
जो निर्धन को उपहास में उड़ाता है, वह उसके कर्त्ता की निन्दा करता है; और जो किसी की विपत्ति पर हँसता है, वह निर्दोष नहीं ठहरेगा।नीतिवचन १७:५ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Proverbs 17:5
- Whoever mocks the poor reproaches his Maker. He who is glad at calamity shall not be unpunished.
- ગુજરાતી — નીતિવચનો ૧૭:૫
- જે ગરીબની મશ્કરી કરે છે તે તેના સર્જનહારની નિંદા કરે છે અને જે કોઈ બીજાની વિપત્તિને જોઈને રાજી થાય છે તે શિક્ષા પામ્યા વગર રહેશે નહિ.
संदर्भ में
३चाँदी के लिये कुठाली, और सोने के लिये भट्ठी होती है , परन्तु मनों को यहोवा जाँचता है। (1 पत. 1:17)
४कुकर्मी अनर्थ बात को ध्यान देकर सुनता है, और झूठा मनुष्य दुष्टता की बात की ओर कान लगाता है।
५जो निर्धन को उपहास में उड़ाता है, वह उसके कर्त्ता की निन्दा करता है; और जो किसी की विपत्ति पर हँसता है, वह निर्दोष नहीं ठहरेगा।
६बूढ़ों की शोभा उनके नाती पोते हैं; और बाल-बच्चों की शोभा उनके माता-पिता हैं।
७मूर्ख के मुख से उत्तम बात फबती नहीं, और इससे अधिक प्रधान के मुख से झूठी बात नहीं फबती।
