नीतिवचन १८:४
मनुष्य के मुँह के वचन गहरे जल होते है; बुद्धि का स्रोत बहती धारा के समान हैं।नीतिवचन १८:४ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Proverbs 18:4
- The words of a man’s mouth are like deep waters. The fountain of wisdom is like a flowing brook.
- ગુજરાતી — નીતિવચનો ૧૮:૪
- માણસના મુખના શબ્દો ઊંડા પાણી જેવા છે; ડહાપણનો ઝરો વહેતી નદી જેવો છે.
संदर्भ में
२मूर्ख का मन समझ की बातों में नहीं लगता, वह केवल अपने मन की बात प्रगट करना चाहता है ।
३जहाँ दुष्टता आती, वहाँ अपमान भी आता है; और निरादर के साथ निन्दा आती है।
४मनुष्य के मुँह के वचन गहरे जल होते है; बुद्धि का स्रोत बहती धारा के समान हैं।
५दुष्ट का पक्ष करना, और धर्मी का हक़ मारना, अच्छा नहीं है।
६बात बढ़ाने से मूर्ख मुकद्दमा खड़ा करता है, और अपने को मार खाने के योग्य दिखाता है।
