नीतिवचन २५:१४
जैसे बादल और पवन बिना वृष्टि निर्लाभ होते हैं, वैसे ही झूठ-मूठ दान देनेवाले का बड़ाई मारना होता है।नीतिवचन २५:१४ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Proverbs 25:14
- As clouds and wind without rain, so is he who boasts of gifts deceptively.
- ગુજરાતી — નીતિવચનો ૨૫:૧૪
- જે કોઈ ભેટો આપવાની વ્યર્થ ડંફાસો મારે છે, પણ કંઈ આપતો નથી, તે વરસાદ વગરનાં વાદળાં તથા પવન જેવો છે.
संदर्भ में
१२जैसे सोने का नत्थ और कुन्दन का जेवर अच्छा लगता है, वैसे ही माननेवाले के कान में बुद्धिमान की डाँट भी अच्छी लगती है।
१३जैसे कटनी के समय बर्फ की ठण्ड से, वैसा ही विश्वासयोग्य दूत से भी, भेजनेवालों का जी ठंडा होता है।
१४जैसे बादल और पवन बिना वृष्टि निर्लाभ होते हैं, वैसे ही झूठ-मूठ दान देनेवाले का बड़ाई मारना होता है।
१५धीरज धरने से न्यायी मनाया जाता है, और कोमल वचन हड्डी को भी तोड़ डालता है ।
१६क्या तूने मधु पाया? तो जितना तेरे लिये ठीक हो उतना ही खाना, ऐसा न हो कि अधिक खाकर उसे उगल दे।
