नीतिवचन २६:२
जैसे गौरैया घूमते-घूमते और शूपाबेनी उड़ते-उड़ते नहीं बैठती, वैसे ही व्यर्थ श्राप नहीं पड़ता।नीतिवचन २६:२ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Proverbs 26:2
- Like a fluttering sparrow, like a darting swallow, so the undeserved curse doesn’t come to rest.
- ગુજરાતી — નીતિવચનો ૨૬:૨
- ભટકતી ચકલી અને ઊડતા અબાબીલ પક્ષીની માફક, વિનાકારણે આપેલો શાપ કોઈને માથે લાગતો નથી.
संदर्भ में
१जैसा धूपकाल में हिम का, या कटनी के समय वर्षा होना, वैसा ही मूर्ख की महिमा भी ठीक नहीं होती।
२जैसे गौरैया घूमते-घूमते और शूपाबेनी उड़ते-उड़ते नहीं बैठती, वैसे ही व्यर्थ श्राप नहीं पड़ता।
३घोड़े के लिये कोड़ा, गदहे के लिये लगाम, और मूर्खों की पीठ के लिये छड़ी है।
४मूर्ख को उसकी मूर्खता के अनुसार उत्तर न देना ऐसा न हो कि तू भी उसके तुल्य ठहरे।
