नीतिवचन २७:९
जैसे तेल और सुगन्ध से, वैसे ही मित्र के हृदय की मनोहर सम्मति से मन आनन्दित होता है।नीतिवचन २७:९ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Proverbs 27:9
- Perfume and incense bring joy to the heart; so does earnest counsel from a man’s friend.
- ગુજરાતી — નીતિવચનો ૨૭:૯
- જેમ સુગંધીથી અને અત્તરથી મન પ્રસન્ન થાય છે, તેમ અંત:કરણથી સલાહ આપનાર મિત્રની મીઠાશથી પણ થાય છે.
संदर्भ में
७सन्तुष्ट होने पर मधु का छत्ता भी फीका लगता है, परन्तु भूखे को सब कड़वी वस्तुएँ भी मीठी जान पड़ती हैं।
८स्थान छोड़कर घूमनेवाला मनुष्य उस चिड़िया के समान है, जो घोंसला छोड़कर उड़ती फिरती है।
९जैसे तेल और सुगन्ध से, वैसे ही मित्र के हृदय की मनोहर सम्मति से मन आनन्दित होता है।
१०जो तेरा और तेरे पिता का भी मित्र हो उसे न छोड़ना; और अपनी विपत्ति के दिन, अपने भाई के घर न जाना। प्रेम करनेवाला पड़ोसी, दूर रहनेवाले भाई से कहीं उत्तम है ।
११हे मेरे पुत्र, बुद्धिमान होकर मेरा मन आनन्दित कर, तब मैं अपने निन्दा करनेवाले को उत्तर दे सकूँगा।
