नीतिवचन ३१:१५
वह रात ही को उठ बैठती है, और अपने घराने को भोजन खिलाती है और अपनी दासियों को अलग-अलग काम देती है।नीतिवचन ३१:१५ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Proverbs 31:15
- She rises also while it is yet night, gives food to her household, and portions for her servant girls.
- ગુજરાતી — નીતિવચનો ૩૧:૧૫
- ઘરનાં સર્વને માટે ખાવાનું તૈયાર કરવા તે પરોઢ થતાં પહેલાં ઊઠી જાય છે અને તેની દાસીઓ માટે દિવસભરના કામનું આયોજન કરે છે.
संदर्भ में
१३वह ऊन और सन ढूँढ़ ढूँढ़कर, अपने हाथों से प्रसन्नता के साथ काम करती है।
१४वह व्यापार के जहाजों के समान अपनी भोजनवस्तुएँ दूर से मँगवाती है।
१५वह रात ही को उठ बैठती है, और अपने घराने को भोजन खिलाती है और अपनी दासियों को अलग-अलग काम देती है।
१६वह किसी खेत के विषय में सोच विचार करती है और उसे मोल ले लेती है; और अपने परिश्रम के फल से दाख की बारी लगाती है।
१७वह अपनी कमर को बल के फेंटे से कसती है, और अपनी बाहों को दृढ़ बनाती है। (लूका 12:35)
