भजन संहिता १०:७
उसका मुँह श्राप और छल और धमकियों से भरा है; उत्पात और अनर्थ की बातें उसके मुँह में हैं। (रोम. 3:14)भजन संहिता १०:७ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Psalms 10:7
- His mouth is full of cursing, deceit, and oppression. Under his tongue is mischief and iniquity.
- ગુજરાતી — ગીતશાસ્ત્ર ૧૦:૭
- તેનું મુખ શાપ, કપટ તથા જુલમથી ભરેલું છે; તેની જીભમાં ઉપદ્રવ તથા અન્યાય ભરેલા છે.
संदर्भ में
५वह अपने मार्ग पर दृढ़ता से बना रहता है; तेरे धार्मिकता के नियम उसकी दृष्टि से बहुत दूर ऊँचाई पर हैं, जितने उसके विरोधी हैं उन पर वह फुँकारता है।
६वह अपने मन में कहता है कि “मैं कभी टलने का नहीं; मैं पीढ़ी से पीढ़ी तक दुःख से बचा रहूँगा।”
७उसका मुँह श्राप और छल और धमकियों से भरा है; उत्पात और अनर्थ की बातें उसके मुँह में हैं। (रोम. 3:14)
८वह गाँवों में घात में बैठा करता है, और गुप्त स्थानों में निर्दोष को घात करता है, उसकी आँखें लाचार की घात में लगी रहती है।
९वह सिंह के समान झाड़ी में छिपकर घात में बैठाता है; वह दीन को पकड़ने के लिये घात लगाता है, वह दीन को जाल में फँसाकर पकड़ लेता है।
