भजन संहिता १०४:३२
उसकी दृष्टि ही से पृथ्वी काँप उठती है, और उसके छूते ही पहाड़ों से धुआँ निकलता है।भजन संहिता १०४:३२ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Psalms 104:32
- He looks at the earth, and it trembles. He touches the mountains, and they smoke.
- ગુજરાતી — ગીતશાસ્ત્ર ૧૦૪:૩૨
- તે પૃથ્વી પર દ્રષ્ટિ કરે છે અને તે કંપે છે; તે પર્વતોને સ્પર્શે છે અને તેઓમાંથી ધુમાડો નીકળે છે.
संदर्भ में
३०फिर तू अपनी ओर से साँस भेजता है, और वे सिरजे जाते हैं; और तू धरती को नया कर देता है ।
३१यहोवा की महिमा सदाकाल बनी रहे, यहोवा अपने कामों से आनन्दित होवे!
३२उसकी दृष्टि ही से पृथ्वी काँप उठती है, और उसके छूते ही पहाड़ों से धुआँ निकलता है।
३३मैं जीवन भर यहोवा का गीत गाता रहूँगा; जब तक मैं बना रहूँगा तब तक अपने परमेश्वर का भजन गाता रहूँगा।
३४मेरे सोच-विचार उसको प्रिय लगे, क्योंकि मैं तो यहोवा के कारण आनन्दित रहूँगा।
