भजन संहिता ११५:४
उन लोगों की मूरतें सोने चाँदी ही की तो हैं, वे मनुष्यों के हाथ की बनाई हुई हैं।भजन संहिता ११५:४ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Psalms 115:4
- Their idols are silver and gold, the work of men’s hands.
- ગુજરાતી — ગીતશાસ્ત્ર ૧૧૫:૪
- તેઓની મૂર્તિઓ સોના તથા ચાંદીની જ છે, તેઓ માણસોના હાથનું કામ છે.
संदर्भ में
२जाति-जाति के लोग क्यों कहने पाएँ, “उनका परमेश्वर कहाँ रहा?”
३हमारा परमेश्वर तो स्वर्ग में हैं; उसने जो चाहा वही किया है।
४उन लोगों की मूरतें सोने चाँदी ही की तो हैं, वे मनुष्यों के हाथ की बनाई हुई हैं।
५उनके मुँह तो रहता है परन्तु वे बोल नहीं सकती; उनके आँखें तो रहती हैं परन्तु वे देख नहीं सकती।
६उनके कान तो रहते हैं, परन्तु वे सुन नहीं सकती; उनके नाक तो रहती हैं, परन्तु वे सूँघ नहीं सकती।
