भजन संहिता १२७:२
तुम जो सवेरे उठते और देर करके विश्राम करते और कठोर परिश्रम की रोटी खाते हो, यह सब तुम्हारे लिये व्यर्थ ही है; क्योंकि वह अपने प्रियों को यों ही नींद प्रदान करता है।भजन संहिता १२७:२ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Psalms 127:2
- It is vain for you to rise up early, to stay up late, eating the bread of toil, for he gives sleep to his loved ones.
- ગુજરાતી — ગીતશાસ્ત્ર ૧૨૭:૨
- તમારું વહેલું ઊઠવું, અને મોડું સૂવું, અને કષ્ટ વેઠીને રોટલી ખાવી તે પણ વ્યર્થ છે, કેમ કે યહોવાહ પોતાના વહાલાઓને ઊંઘમાં આપે છે.
संदर्भ में
१यदि घर को यहोवा न बनाए, तो उसके बनानेवालों का परिश्रम व्यर्थ होगा। यदि नगर की रक्षा यहोवा न करे, तो रखवाले का जागना व्यर्थ ही होगा।
२तुम जो सवेरे उठते और देर करके विश्राम करते और कठोर परिश्रम की रोटी खाते हो, यह सब तुम्हारे लिये व्यर्थ ही है; क्योंकि वह अपने प्रियों को यों ही नींद प्रदान करता है।
३देखो, बच्चे यहोवा के दिए हुए भाग हैं , गर्भ का फल उसकी ओर से प्रतिफल है।
४जैसे वीर के हाथ में तीर, वैसे ही जवानी के बच्चे होते हैं।
