भजन संहिता ३५:१५
परन्तु जब मैं लँगड़ाने लगा तब वे लोग आनन्दित होकर इकट्ठे हुए, नीच लोग और जिन्हें मैं जानता भी न था वे मेरे विरुद्ध इकट्ठे हुए; वे मुझे लगातार फाड़ते रहे;भजन संहिता ३५:१५ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Psalms 35:15
- But in my adversity, they rejoiced, and gathered themselves together. The attackers gathered themselves together against me, and I didn’t know it. They tore at me, and didn’t cease.
- ગુજરાતી — ગીતશાસ્ત્ર ૩૫:૧૫
- પણ જ્યારે મારી પડતી થઈ, ત્યારે તેઓ હર્ષ પામતા અને ટોળે વળતા; હું તે જાણતો નહિ, એવી રીતે તેઓ મારી વિરુદ્ધ ટોળે વળતા.
संदर्भ में
१३जब वे रोगी थे तब तो मैं टाट पहने रहा , और उपवास कर करके दुःख उठाता रहा; मुझे मेरी प्रार्थना का उत्तर नहीं मिला। (अय्यू. 30:25, रोम. 12:15)
१४मैं ऐसी भावना रखता था कि मानो वे मेरे संगी या भाई हैं; जैसा कोई माता के लिये विलाप करता हो, वैसा ही मैंने शोक का पहरावा पहने हुए सिर झुकाकर शोक किया।
१५परन्तु जब मैं लँगड़ाने लगा तब वे लोग आनन्दित होकर इकट्ठे हुए, नीच लोग और जिन्हें मैं जानता भी न था वे मेरे विरुद्ध इकट्ठे हुए; वे मुझे लगातार फाड़ते रहे;
१६आदर के बिना वे मुझे ताना मारते हैं; वे मुझ पर दाँत पीसते हैं। (भज. 37:12)
१७हे प्रभु, तू कब तक देखता रहेगा? इस विपत्ति से, जिसमें उन्होंने मुझे डाला है मुझ को छुड़ा! जवान सिंहों से मेरे प्राण को बचा ले!
