भजन संहिता ३५:२७
जो मेरे धर्म से प्रसन्न रहते हैं, वे जयजयकार और आनन्द करें, और निरन्तर करते रहें, यहोवा की बड़ाई हो, जो अपने दास के कुशल से प्रसन्न होता है!भजन संहिता ३५:२७ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Psalms 35:27
- Let those who favor my righteous cause shout for joy and be glad. Yes, let them say continually, “May the LORD be magnified, who has pleasure in the prosperity of his servant!”
- ગુજરાતી — ગીતશાસ્ત્ર ૩૫:૨૭
- જેઓ મારા ન્યાયીપણામાં આનંદ કરે છે; તેઓ હર્ષ પામીને જયજયકાર કરો; તેઓ હમેશાં કહો, જે પોતાના સેવકની આબાદીમાં ખુશ રહે છે, તે યહોવાહની સ્તુતિ થાઓ.
संदर्भ में
२५वे मन में न कहने पाएँ, “आहा! हमारी तो इच्छा पूरी हुई!” वे यह न कहें, “हम उसे निगल गए हैं।”
२६जो मेरी हानि से आनन्दित होते हैं उनके मुँह लज्जा के मारे एक साथ काले हों! जो मेरे विरुद्ध बड़ाई मारते हैं वह लज्जा और अनादर से ढँप जाएँ!
२७जो मेरे धर्म से प्रसन्न रहते हैं, वे जयजयकार और आनन्द करें, और निरन्तर करते रहें, यहोवा की बड़ाई हो, जो अपने दास के कुशल से प्रसन्न होता है!
२८तब मेरे मुँह से तेरे धर्म की चर्चा होगी, और दिन भर तेरी स्तुति निकलेगी।
