भजन संहिता ४०:४
क्या ही धन्य है वह पुरुष, जो यहोवा पर भरोसा करता है, और अभिमानियों और मिथ्या की ओर मुड़नेवालों की ओर मुँह न फेरता हो।भजन संहिता ४०:४ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Psalms 40:4
- Blessed is the man who makes the LORD his trust, and doesn’t respect the proud, nor such as turn away to lies.
- ગુજરાતી — ગીતશાસ્ત્ર ૪૦:૪
- જે માણસ યહોવાહ પર ભરોસો રાખે છે અને અહંકારીને તથા સત્ય માર્ગથી ફરી જનાર જૂઠાને ગણકારતો નથી, તે આશીર્વાદિત છે.
संदर्भ में
२उसने मुझे सत्यानाश के गड्ढे और दलदल की कीच में से उबारा , और मुझ को चट्टान पर खड़ा करके मेरे पैरों को दृढ़ किया है।
३उसने मुझे एक नया गीत सिखाया जो हमारे परमेश्वर की स्तुति का है। बहुत लोग यह देखेंगे और उसकी महिमा करेंगे, और यहोवा पर भरोसा रखेंगे। (प्रका. 5:9, प्रका. 14:3, भज. 52:6)
४क्या ही धन्य है वह पुरुष, जो यहोवा पर भरोसा करता है, और अभिमानियों और मिथ्या की ओर मुड़नेवालों की ओर मुँह न फेरता हो।
५हे मेरे परमेश्वर यहोवा, तूने बहुत से काम किए हैं! जो आश्चर्यकर्मों और विचार तू हमारे लिये करता है वह बहुत सी हैं; तेरे तुल्य कोई नहीं! मैं तो चाहता हूँ कि खोलकर उनकी चर्चा करूँ, परन्तु उनकी गिनती नहीं हो सकती।
६मेलबलि और अन्नबलि से तू प्रसन्न नहीं होता तूने मेरे कान खोदकर खोले हैं। होमबलि और पापबलि तूने नहीं चाहा ।
