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Methodist Church Nadiad

भजन संहिता ४२:११

हे मेरे प्राण तू क्यों गिरा जाता है? तू अन्दर ही अन्दर क्यों व्याकुल है? परमेश्वर पर भरोसा रख; क्योंकि वह मेरे मुख की चमक और मेरा परमेश्वर है, मैं फिर उसका धन्यवाद करूँगा। (भज. 43:5, मर. 14:34, यूह. 12:27)

भजन संहिता ४२:११ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

EnglishPsalms 42:11
Why are you in despair, my soul? Why are you disturbed within me? Hope in God! For I shall still praise him, the saving help of my countenance, and my God.
ગુજરાતીગીતશાસ્ત્ર ૪૨:૧૧
હે મારા આત્મા, તું શા માટે ઉદાસ થયો છે? તું મારામાં કેમ ગભરાયો છે? તું ઈશ્વરની આશા રાખ, કેમ કે તે મારા ઉદ્ધારક તથા મારા ઈશ્વર છે, હું હજી તેમનું સ્તવન કરીશ.

संदर्भ में

मैं परमेश्वर से जो मेरी चट्टान है कहूँगा, “तू मुझे क्यों भूल गया? मैं शत्रु के अत्याचार के मारे क्यों शोक का पहरावा पहने हुए चलता फिरता हूँ?”

१०मेरे सतानेवाले जो मेरी निन्दा करते हैं, मानो उससे मेरी हड्डियाँ चूर-चूर होती हैं, मानो कटार से छिदी जाती हैं, क्योंकि वे दिन भर मुझसे कहते रहते हैं, तेरा परमेश्वर कहाँ है?

११हे मेरे प्राण तू क्यों गिरा जाता है? तू अन्दर ही अन्दर क्यों व्याकुल है? परमेश्वर पर भरोसा रख; क्योंकि वह मेरे मुख की चमक और मेरा परमेश्वर है, मैं फिर उसका धन्यवाद करूँगा। (भज. 43:5, मर. 14:34, यूह. 12:27)

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