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Methodist Church Nadiad
हे मेरे प्राण तू क्यों गिरा जाता है? तू अन्दर ही अन्दर क्यों व्याकुल है? परमेश्वर पर आशा रख, क्योंकि वह मेरे मुख की चमक और मेरा परमेश्वर है; मैं फिर उसका धन्यवाद करूँगा।

भजन संहिता ४३:५ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

EnglishPsalms 43:5
Why are you in despair, my soul? Why are you disturbed within me? Hope in God! For I shall still praise him: my Savior, my helper, and my God.
ગુજરાતીગીતશાસ્ત્ર ૪૩:૫
હે મારા આત્મા, તું કેમ ઉદાસ થયો છે? તું કેમ ગભરાયો છે? તું ઈશ્વરની આશા રાખ; કેમ કે તે મારા મદદગાર તથા મારા ઈશ્વર છે, તેમનું સ્તવન હું હજી કરીશ.

संदर्भ में

अपने प्रकाश और अपनी सच्चाई को भेज; वे मेरी अगुआई करें, वे ही मुझ को तेरे पवित्र पर्वत पर और तेरे निवास-स्थान में पहुँचाए!

तब मैं परमेश्वर की वेदी के पास जाऊँगा, उस परमेश्वर के पास जो मेरे अति आनन्द का कुण्ड है; और हे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, मैं वीणा बजा-बजाकर तेरा धन्यवाद करूँगा।

हे मेरे प्राण तू क्यों गिरा जाता है? तू अन्दर ही अन्दर क्यों व्याकुल है? परमेश्वर पर आशा रख, क्योंकि वह मेरे मुख की चमक और मेरा परमेश्वर है; मैं फिर उसका धन्यवाद करूँगा।

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