भजन संहिता ५३:१
मूर्ख ने अपने मन में कहा, “कोई परमेश्वर है ही नहीं।” वे बिगड़ गए, उन्होंने कुटिलता के घिनौने काम किए हैं; कोई सुकर्मी नहीं।भजन संहिता ५३:१ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Psalms 53:1
- The fool has said in his heart, “There is no God.” They are corrupt, and have done abominable iniquity. There is no one who does good.
- ગુજરાતી — ગીતશાસ્ત્ર ૫૩:૧
- મૂર્ખ પોતાના મનમાં કહે છે કે, “ઈશ્વર છે જ નહિ.” તેઓએ ભ્રષ્ટ થઈને ધિક્કારવા લાયક દુષ્ટતા કરી છે; ભલું કરનાર કોઈ નથી.
संदर्भ में
१मूर्ख ने अपने मन में कहा, “कोई परमेश्वर है ही नहीं।” वे बिगड़ गए, उन्होंने कुटिलता के घिनौने काम किए हैं; कोई सुकर्मी नहीं।
२परमेश्वर ने स्वर्ग पर से मनुष्यों के ऊपर दृष्टि की ताकि देखे कि कोई बुद्धि से चलनेवाला या परमेश्वर को खोजनेवाला है कि नहीं।
३वे सब के सब हट गए; सब एक साथ बिगड़ गए; कोई सुकर्मी नहीं, एक भी नहीं। (भज. 14:1-3, रोम. 3:10-12)
