भजन संहिता ५६:५
वे दिन भर मेरे वचनों को, उलटा अर्थ लगा लगाकर मरोड़ते रहते हैं; उनकी सारी कल्पनाएँ मेरी ही बुराई करने की होती है ।भजन संहिता ५६:५ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Psalms 56:5
- All day long they twist my words. All their thoughts are against me for evil.
- ગુજરાતી — ગીતશાસ્ત્ર ૫૬:૫
- તેઓ આખો દિવસ મારા શબ્દોનો અનર્થ કરે છે; તેઓના વિચારો મારું ખરાબ કરવાના છે.
संदर्भ में
३जिस समय मुझे डर लगेगा, मैं तुझ पर भरोसा रखूँगा।
४परमेश्वर की सहायता से मैं उसके वचन की प्रशंसा करूँगा, परमेश्वर पर मैंने भरोसा रखा है, मैं नहीं डरूँगा। कोई प्राणी मेरा क्या कर सकता है?
५वे दिन भर मेरे वचनों को, उलटा अर्थ लगा लगाकर मरोड़ते रहते हैं; उनकी सारी कल्पनाएँ मेरी ही बुराई करने की होती है ।
६वे सब मिलकर इकट्ठे होते हैं और छिपकर बैठते हैं; वे मेरे कदमों को देखते भालते हैं मानो वे मेरे प्राणों की घात में ताक लगाए बैठे हों।
७क्या वे बुराई करके भी बच जाएँगे? हे परमेश्वर, अपने क्रोध से देश-देश के लोगों को गिरा दे!
