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Methodist Church Nadiad

भजन संहिता ५९:१२

वह अपने मुँह के पाप, और होठों के वचन, और श्राप देने, और झूठ बोलने के कारण, अभिमान में फँसे हुए पकड़े जाएँ।

भजन संहिता ५९:१२ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

EnglishPsalms 59:12
For the sin of their mouth, and the words of their lips, let them be caught in their pride, for the curses and lies which they utter.
ગુજરાતીગીતશાસ્ત્ર ૫૯:૧૨
કેમ કે તેઓના મુખના પાપને લીધે અને તેઓના હોઠોના શબ્દોને લીધે, તેઓ જે શાપ દે છે અને જે જૂઠું બોલે છે, તેને લીધે તેઓને પોતાના જ અભિમાનમાં ફસાઈ જવા દો.

संदर्भ में

१०परमेश्वर करुणा करता हुआ मुझसे मिलेगा; परमेश्वर मेरे शत्रुओं के विषय मेरी इच्छा पूरी कर देगा ।

११उन्हें घात न कर, ऐसा न हो कि मेरी प्रजा भूल जाए; हे प्रभु, हे हमारी ढाल! अपनी शक्ति से उन्हें तितर-बितर कर, उन्हें दबा दे।

१२वह अपने मुँह के पाप, और होठों के वचन, और श्राप देने, और झूठ बोलने के कारण, अभिमान में फँसे हुए पकड़े जाएँ।

१३जलजलाहट में आकर उनका अन्त कर, उनका अन्त कर दे ताकि वे नष्ट हो जाएँ तब लोग जानेंगे कि परमेश्वर याकूब पर, वरन् पृथ्वी की छोर तक प्रभुता करता है। (सेला)

१४वे साँझ को लौटकर कुत्ते के समान गुर्राते, और नगर के चारों ओर घूमते है।

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