भजन संहिता ६१:४
मैं तेरे तम्बू में युगानुयुग बना रहूँगा। मैं तेरे पंखों की ओट में शरण लिए रहूँगा। (सेला)भजन संहिता ६१:४ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Psalms 61:4
- I will dwell in your tent forever. I will take refuge in the shelter of your wings. Selah.
- ગુજરાતી — ગીતશાસ્ત્ર ૬૧:૪
- હું સદાકાળ તમારા મંડપમાં રહીશ; તમારી પાંખોના આશ્રયે હું રહીશ. સેલાહ
संदर्भ में
२मूर्छा खाते समय मैं पृथ्वी की छोर से भी तुझे पुकारूँगा, जो चट्टान मेरे लिये ऊँची है, उस पर मुझ को ले चल ;
३क्योंकि तू मेरा शरणस्थान है, और शत्रु से बचने के लिये ऊँचा गढ़ है।
४मैं तेरे तम्बू में युगानुयुग बना रहूँगा। मैं तेरे पंखों की ओट में शरण लिए रहूँगा। (सेला)
५क्योंकि हे परमेश्वर, तूने मेरी मन्नतें सुनीं, जो तेरे नाम के डरवैये हैं, उनका सा भाग तूने मुझे दिया है।
६तू राजा की आयु को बहुत बढ़ाएगा; उसके वर्ष पीढ़ी-पीढ़ी के बराबर होंगे।
