भजन संहिता ६६:१८
यदि मैं मन में अनर्थ की बात सोचता, तो प्रभु मेरी न सुनता। (यूह. 9:31, नीति. 15:29)भजन संहिता ६६:१८ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Psalms 66:18
- If I cherished sin in my heart, the Lord wouldn’t have listened.
- ગુજરાતી — ગીતશાસ્ત્ર ૬૬:૧૮
- જો હું મારા હૃદયમાં દુષ્ટતા કરવાનો ઇરાદો રાખું, તો પ્રભુ મારું સાંભળે જ નહિ.
संदर्भ में
१६हे परमेश्वर के सब डरवैयों, आकर सुनो, मैं बताऊँगा कि उसने मेरे लिये क्या-क्या किया है।
१७मैंने उसको पुकारा, और उसी का गुणानुवाद मुझसे हुआ।
१८यदि मैं मन में अनर्थ की बात सोचता, तो प्रभु मेरी न सुनता। (यूह. 9:31, नीति. 15:29)
१९परन्तु परमेश्वर ने तो सुना है; उसने मेरी प्रार्थना की ओर ध्यान दिया है।
२०धन्य है परमेश्वर, जिसने न तो मेरी प्रार्थना अनसुनी की, और न मुझसे अपनी करुणा दूर कर दी है!
