भजन संहिता ७४:२१
पिसे हुए जन को अपमानित होकर लौटना न पड़े; दीन और दरिद्र लोग तेरे नाम की स्तुति करने पाएँ। (भज. 103:6)भजन संहिता ७४:२१ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Psalms 74:21
- Don’t let the oppressed return ashamed. Let the poor and needy praise your name.
- ગુજરાતી — ગીતશાસ્ત્ર ૭૪:૨૧
- દુ:ખી લોકોને બદનામ કરીને પાછા હઠાવતા નહિ; દરિદ્રીઓ અને લાચારો તમારા નામનું સ્તવન કરે.
संदर्भ में
१९अपनी पिण्डुकी के प्राण को वन पशु के वश में न कर ; अपने दीन जनों को सदा के लिये न भूल
२०अपनी वाचा की सुधि ले; क्योंकि देश के अंधेरे स्थान अत्याचार के घरों से भरपूर हैं।
२१पिसे हुए जन को अपमानित होकर लौटना न पड़े; दीन और दरिद्र लोग तेरे नाम की स्तुति करने पाएँ। (भज. 103:6)
२२हे परमेश्वर, उठ, अपना मुकद्दमा आप ही लड़; तेरी जो नामधराई मूर्ख द्वारा दिन भर होती रहती है, उसे स्मरण कर।
२३अपने द्रोहियों का बड़ा बोल न भूल, तेरे विरोधियों का कोलाहल तो निरन्तर उठता रहता है।
